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मोदीनगर। कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी के भाई ने ली हत्या की सुपारी, साथी सहित हुआ गिरफ्तार

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भारतीय किसान यूनियन जिला प्रभारी की हत्या करने की सुपारी लेकिन हत्या करने से पहले ही फसे पुलिस के चंगुल मैं और जेल की हवा खानी पड़ी। अगर किसी नेता की प्रतिष्ठा को उसका सगा भाई ही खत्म करने लगे तो उस नेता का तो ईश्वर ही रखवाली है । मालूम हो कि शुक्रवार देर रात भोजपुर पुलिस द्वारा मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों को अपाची बाइक सहित पकड़ा था। पुलिस मुठभेड़ में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी थी पुलिस पूछताछ में दोनों बदमाशों ने अपना नाम किशोर उर्फ सेठी हाल निवासी मोदीनगर व दूसरे ने अपना नाम सोनू वर्मा निवासी लोनी बताया। गिरफ्तारी के बाद भोजपुर थाना प्रभारी मुनेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों ही बदमाश ग्राम शाहजहांपुर निवासी किसान यूनियन के जिला प्रभारी जय कुमार मलिक की हत्या करने की फिराक में घूम रहे थे । लेकिन हत्या से पहले ही पुलिस को इस बात की भनक लग गई पुलिस ने जब इन को पकड़ना चाहा तो बदमाशों ने तमंचे निकाल लिए और पुलिस पर फायर करने लगे दोनों ओर से चली गोली में दोनों बदमाशों को पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उपचार के बाद जब दोनों से विस्तार से पूछताछ हुई तो बदमाशों ने सारा राज खोलते हुए बताया की शाहजहांपुर निवासी संजय चौधरी व जय कुमार मलिक के बीच कुछ दिन पहले शाहजहांपुर रोड पर आपस में मारपीट हो गई थी इसी बात का बदला लेने के लिए संजय चौधरी जय कुमार मलिक की हत्या कराना चाहता था। जिसके लिए उसने खंजरपुर निवासी कांग्रेसी नेता सुनील शर्मा के भाई हिस्ट्री सीटर बदमाश वीरसेन पुत्र स्वर्गीय कालीचरण से संपर्क किया वीरसेन ने संजय की मुलाकात दिल्ली मंडोली जेल से हाल ही में छूट कर आये अपने खास साथी किशोर उर्फ सेटी वह सोनू वर्मा लोनी से कराई। जय कुमार की हत्या करने का सौदा 10लाख में तय हुआ जिसमें 5लाख पहले वह बाकी रकम हत्या करने के बाद देने पर तय हुई। लेकिन जयकुमार मलिक की हत्या होने से पूर्व भी मामले का भांडा फूट गया इस मामले से जुड़े दो आरोपी किशोर सेट्टी व सोनू को तो मुठभेड़ के बाद शनिवार को लिखा पढ़ी कर जेल भेज दिया गया था बाकी बचे दो लोग वीरसेन व संजय चौधरी को रविवार दोपहर को जेल भेजा गया । बताया गया है कि कांग्रेस नेता के भाई वीरसेन वे उसके साथी किशोर सेठी पर मोदीनगर थाना तथा गाजियाबाद व लोनी थाने सहित लूटपाट हत्या व चोरी जैसे विभिन्न मामले पहले भी दर्ज हैं।

 

रिपोर्ट: जितेंद्र कुमार (ब्यूरो, ग़ाज़ियाबाद)

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